शेयर बाजार समाचार

क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है?

क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है?
विदेशी मुद्रा भंडार करीब दो साल के निचले स्‍तर पर पहुंचा (फाइल फोटो)

23 महीने के सबसे निचले स्‍तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार, 7.94 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट

भारतीय रिजर्व बैंकी (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, 2 सितंबर को समाप्त सप्ताह के लिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.941 बिलियन डॉलर घटकर 553.105 बिलियन डॉलर हो गया है।

23 महीने के सबसे निचले स्‍तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार, 7.94 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट

विदेशी मुद्रा भंडार करीब दो साल के निचले स्‍तर पर पहुंचा (फाइल फोटो)

विदेशी मुद्रा भंडार में करीब दो साल में गिरावट हुई है। भारतीय रिजर्व बैंकी (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, 2 सितंबर को समाप्त सप्ताह के लिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.941 बिलियन डॉलर घटकर 553.105 बिलियन डॉलर हो गया, जो करीब दो वर्षों में सबसे निचला स्तर पर आ चुका है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में यह 5वें साप्‍ताह के दौरान लगातार गिरावट है।

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में हाल के महीनों में तेजी से गिरावट आई है। ऐसा इस कारण, क्योंकि आरबीआई ने रुपए को तेजी से गिरने को बचाने के लिए मुद्रा बाजार में क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? हस्‍तक्षेप किया था और कदम उठाए थे, जिसका असर सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ा है। इससे पहले, आरबीआई के आंकड़ें के अनुसार, 26 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 3.007 अरब डॉलर और पिछले सप्ताह 6.687 अरब डॉलर घट गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक के सप्‍ताहिक आंकडे़ं के अनुसार, विदेशी मुद्रा संपत्ति जो कि विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक है, 2 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 6.527 अरब डॉलर घटकर 492.117 अरब डॉलर हो गई थी। वहीं पिछले दो सप्ताह में विदेशी मुद्रा संपत्ति में क्रमश: 2.571 अरब डॉलर और 5.779 अरब डॉलर की गिरावट आई थी।

Astrology: दिसंबर में 3 ग्रह करेंगे गोचर, इन 4 राशि वालों का चमक सकता है भाग्य, करियर- कारोबार में सफलता के योग

Kapiva का दावा- 18000 फीट ऊंचाई वाले क्षेत्रों से 100% शुद्ध हिमालयी शिलाजीत लाते हैं हम, जान‍िए जबर्दस्त ताकत के लिए कैसे कारगर होता है यह हर्बल फार्मूला

अमेरिकी डॉलर में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की की गई है। वहीं विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में यूरो, यूके के पाउंड स्टर्लिंग और जापानी येन जैसी गैर-डॉलर मुद्राओं में नुकसान और कुछ में लाभ हुआ है। वहीं 2 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान सोने के भंडार का प्राइज 1.339 अरब डॉलर घटकर 38.303 अरब डॉलर पर जा चुका है।

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, इस गणना किए गए सप्‍ताह के दौरान इंटरनेशनल मुद्रा कोष में भारत के स्‍पेशल ड्राविंग राइट्स (एसडीआर) का प्राइज 50 मिलियन डॉलर घटकर 17.782 अरब डॉलर रह गया। वहीं क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? 2 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की रिजर्व स्‍टेटस 24 मिलियन डॉलर घटकर 4.902 बिलियन डॉलर हो गई है।

ईडी ने अवैध ऑनलाइन विदेशी मुद्रा व्यापार के लिए OctaFX से संबंधित 21 करोड़ रुपये से अधिक के खातों को फ्रीज किया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई बैंक खातों को सील कर दिया है। ऑनलाइन विदेशी मुद्रा (विदेशी मुद्रा) व्यापार में अवैध रूप से लिप्त होने के लिए मेसर्स OctaFX और संबंधित संस्थाओं से संबंधित 21.14 करोड़ शेष।

इससे पहले, ईडी ने अंतरराष्ट्रीय दलालों, अर्थात् OctaFx ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट www.octafx.com के माध्यम से अवैध ऑनलाइन विदेशी मुद्रा व्यापार के लिए मेसर्स OctaFX इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और संबंधित कंपनियों के विभिन्न परिसरों में तलाशी ली थी।

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अधिकारियों द्वारा की गई जांच के अनुसार, उपरोक्त ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट भारत में मेसर्स ऑक्टाएफएक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से काम कर रही हैं। लिमिटेड फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, जिसे सोशल नेटवर्किंग साइटों पर व्यापक रूप से प्रचारित किया जा रहा है, उपयोगकर्ताओं को अपने प्लेटफॉर्म पर आकर्षित करने के लिए रेफरल-आधारित प्रोत्साहन मॉडल का पालन कर रहा है।

यह देखा गया है कि मुख्य रूप से यूपीआई/स्थानीय बैंक हस्तांतरण के माध्यम से उपयोगकर्ताओं से एकत्रित धन को विभिन्न नकली संस्थाओं के बैंक खातों में डाला जाता है और लेयरिंग के उद्देश्य से घरेलू स्तर पर अन्य बैंकों में स्थानांतरित किया जाता है। लेयरिंग जटिल वित्तीय लेनदेन की परतों के उपयोग के माध्यम से आपराधिक गतिविधि की आय को उनके मूल क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? से अलग करने की प्रक्रिया है, जिससे धन को ट्रैक करने की प्रक्रिया को पूरा करना अधिक कठिन हो जाता है।

जांच के अनुसार, धन का उपयोग सीमा पार लेनदेन के लिए भी किया गया है। जांच में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन विदेशी मुद्रा व्यापार दलालों और उनके भारतीय भागीदारों/एजेंटों के बीच सांठगांठ का भी पता चला है।

OctaFX ऐप और इसकी वेबसाइट को फॉरेक्स ट्रेडिंग में डील करने के लिए RBI द्वारा अधिकृत नहीं किया गया है। विदेशी मुद्रा व्यापार का संचालन और संचालन (किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर नहीं किया जा रहा है) अवैध है और फेमा नियमों का भी उल्लंघन करता है।

जांच के दौरान, यह सामने आया कि विभिन्न भारतीय बैंकों के कई खाते निवेशकों/उपयोगकर्ताओं को OctaFX ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट पर फॉरेक्स ट्रेडिंग को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से फंड इकट्ठा करने के लिए दिखाए जा रहे थे। संचित धन को एक साथ कई ई-वॉलेट खातों जैसे नेटेलर, स्क्रिल या डमी संस्थाओं के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया था।

इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि ट्रेडिंग ऐप पर धोखाधड़ी की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा मैसर्स ज़ानमाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से क्रिप्टो मुद्राओं/संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

मेसर्स ज़ानमाई लैब भारतीय रुपये में प्राप्त राशि को वज़ीरक्स वॉलेट में जमा करने के लिए बैंकिंग चैनल और एक पुल प्रदान कर रहा है, जिसने राशि को बिनेंस एक्सचेंज (केमैन द्वीप में उपयोग किया जाने वाला एक क्रिप्टो एक्सचेंज) में स्थानांतरित कर दिया, जिससे भारतीय मुद्रा के हस्तांतरण की सुविधा हुई। क्रिप्टो मुद्राओं के रूप में विदेशी संस्थाएं। आगे की जांच की जा रही है।

विदेशी मुद्रा भंडार 88.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 621.46 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर

मुंबई, 13 अगस्त (भाषा) देश का विदेशी मुद्रा भंडार छह अगस्त, 2021 को समाप्त सप्ताह में 88.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 621.464 अरब डॉलर के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर को छू गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को अपने ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी। विदेशी मुद्रा भंडार 30 जुलाई, 2021 को समाप्त सप्ताह में 9.427 अरब डॉलर बढ़कर 620.576 अरब डॉलर हो गया था। रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि की वजह विदेशी मुद्रा संपत्तियों (एफसीए) का बढ़ना था जो समग्र भंडार का प्रमुख घटक

विदेशी मुद्रा भंडार 30 जुलाई, 2021 को समाप्त सप्ताह में 9.427 अरब डॉलर बढ़कर 620.576 अरब डॉलर हो गया था।

रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि की वजह क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? विदेशी मुद्रा संपत्तियों (एफसीए) का बढ़ना था जो समग्र भंडार का प्रमुख घटक है। इस दौरान एफसीए 1.508 अरब डॉलर बढ़कर 577.732 अरब डॉलर हो गया।

डॉलर के लिहाज से बतायी जाने वाली विदेशी मुद्रा संपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? प्रभाव भी शामिल होता है।

आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान स्वर्ण भंडार 58.8 करोड़ डॉलर घटकर 37.057 अरब डॉलर रह गया।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पास मौजूद विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10 लाख डॉलर घटकर 1.551 अरब डॉलर क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? रह क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? गया।

रिजर्व बैंक ने बताया कि आलोच्य सप्ताह के दौरान आईएमएफ के पास मौजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.1 करोड़ डॉलर घटकर 5.125 अरब डॉलर रह गया।

ब्लैक मनी पर चोट, सबसे ज्यादा मुंबई के लोगों की दुबई में अवैध संपत्ति

आयकर विभाग के आपराधिक जांच प्रकोष्ठ ने 2000 भारतीय नागरिकों की पहचान की है जिनके पास दुबई में संपत्तियां हैं लेकिन उन्होंने अपने आईटी रिटर्न में इसे घोषित नहीं किया.

कालेधन के खिलाफ सरकार की मुहिम जारी

दिव्येश सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 12 क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? फरवरी 2020,
  • (अपडेटेड 12 फरवरी 2020, 11:35 PM IST)
  • कुछ लोगों के लिए कालेधन को खपाने के लिए दुबई सबसे बेहतर जगह
  • आयकर विभाग ब्लैक मनी एक्ट के तहत आरोपियों पर करेगा कार्रवाई
  • आयकर विभाग को सही जवाब नहीं मिलने पर संपत्ति हो सकती है जब्त

आयकर विभाग के आपराधिक जांच प्रकोष्ठ ने 2000 भारतीय नागरिकों की पहचान की है जिनके पास दुबई में संपत्तियां हैं. लेकिन उन्होंने अपने आईटी रिटर्न में इसे घोषित नहीं क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? किया. काले धन के खिलाफ जारी मुहिम के तहत एजेंसी ने ये कदम उठाया है. एजेंसी की जानकारी के मुताबिक कुछ लोगों ने हाल फिलहाल के वर्षों में विदेश में संपत्तियां खरीदीं और शेल कंपनियों को ट्रांसफर कीं. ये सब गलत तरीके से कमाए पैसे को छुपाने रखने और आयकर बचाने के मकसद से किया गया.

काले धन के खिलाफ सरकार की मुहिम

बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी करने और काला धन विदेश में खपाने वालों के खिलाफ आयकर विभाग ने कमर कसी हुई है. काले धन को खपाने के लिए दुबई सबसे नजदीक और पसंदीदा जगह बना हुआ है.

जिन 2000 लोगों और कंपनियों की पहचान की गई हैं उनमें कई कारोबारी, टॉप प्रोफेशनल्स और सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं. आयकर विभाग ब्लैक मनी एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगा. ऐसे लोग जिनके पास विदेश में संपत्ति है. लेकिन उन्होंने उसे घोषित नहीं किया और जो संपत्ति खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए पैसे का स्रोत बताने में नाकाम रहे तो ब्लैक मनी एक्ट के तहत उन पर अभियोग चलाया जाएगा.

जांच में गड़बड़ी

आयकर कानून के सेक्शन FA (विदेशी संपत्ति) के मुताबिक सालाना आईटी रिटर्न भरते वक्त देश के बाहर खरीदी गई संपत्तियों, संसाधनों और कंपनियों की जानकारी देना ज़रूरी होता है. दुबई में संपत्ति रखने वाले 2000 लोगों में से करीब 600 ने आय के स्रोत या खरीद के वक्त भुगतान को लेकर अन्य संबंधित कागजात की जानकारी नहीं दी.

ऐसे लोगों पर अभियोग चलाने के साथ इनकी संपत्ति ज़ब्त की जा सकती है. इसके अलावा उन से संपत्ति के मूल्य के 300% तक की पेनल्टी वसूली जा सकती है. साथ ही ब्लैक मनी एक्ट के तहत कारावास भी भुगतना पड़ेगा. दुबई में संपत्ति खरीदने के रूट को मनी लॉन्डरर्स, स्मगलर, अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर्स और नशीले पदार्थों के कारोबारी भी करते रहे हैं.

सबसे ज्यादा मुंबई के लोग

जिन 2000 लोगों की पहचान की गई हैं उनमें सबसे ज्यादा मुंबई के हैं. इसके बाद केरल और गुजरात का नंबर आता है. बता दें कि सेक्शन FA (विदेशी संपत्ति) वर्ष 2011-12 में शुरू किया गया. तभी से विदेश में खरीदी गई संपत्ति को आईटी रिटर्न में घोषित करना अनिवार्य है.

जिन लोगों की आयकर विभाग ने पहचान की है उन पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन एक्ट (FEMA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कार्रवाई करेगा. हाल में ED ने विदेश में काला धन रखने वालों के खिलाफ मुहिम शुरू की है. इसके तहत भारतीय नागरिकों की ओर से गैर कानूनी तरीके से खरीदी गई अचल संपत्तियों की पहचान की जा रही है. फेमा एक्ट के सेक्शन 4 के तहत भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक भारत के बाहर विदेशी मुद्रा, विदेशी प्रतिभूति या कोई अचल संपत्ति ना तो रख सकता है और ना ही उसे ट्रांसफर कर सकता है.

ED की दबिश में हुआ था खुलासा

बता दें कि इस साल 17 जनवरी को ED ने बीएमसी के पूर्व चीफ इंजीनियर के घर पर फेमा से जुड़े केस में तलाशी ली थी. इस तलाशी के दौरान ED अधिकारियों ने दुबई में कथित तौर पर गैर कानूनी ढंग से खरीदी गई संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए गए थे. ये पूर्व चीफ इंजीनियर बीएमसी के बिल्डिंग प्रस्ताव विभाग और विकास प्लान विभाग जैसे अहम जगहों पर तैनात रह चुका था. एजेंसी ने पूर्व चीफ इंजीनियर की पहचान नहीं खोली लेकिन बताया जा रहा है कि करीब 7 वर्ष पहले वो बीएमसी से सेवानिवृत्त हुआ था.

बताया जाता है कि पूर्व चीफ इंजीनियर ने दुबई के पार्क आईलैंड, बोनेयर मार्सा में 89 वर्ग मीटर की संपत्ति 2012 में 70 लाख रुपए में खरीदी. लेकिन क्या विदेशी मुद्रा खरीदना अवैध है? इस संपत्ति को खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम कहां से आई, चीफ इंजीनियर इसकी जानकारी नहीं दे सका.

रेटिंग: 4.84
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 435
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *