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रुझान रेखा

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रेखा शर्मा ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग का ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समर्थन देने का मकसद छात्राओं को एक मंच प्रदान करना भी है। इस मंच के जरिये छात्राएं बोलने के साथ कार्य करने का कौशल और डिजिटल उपकरण भी सीख सकती हैं।

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राजस्थान सरकार के राजस्थान राज्य लोक उपापन पोर्टल को राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 की धारा 17 के प्रावधानों के अनुसार स्थापित किया गया है। सरकारी लोक उपापन की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह पोर्टल आम जनता के लिए सुलभ है जिसके रुझान रेखा तहत राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन सभी विभागों / उपक्रमों / निकायों तथा बोर्ड इत्यादि द्वारा माल, निर्माण और सेवा संबंधी उपापनों की प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक रूप में प्राप्त की जा सके। राज्य लोक उपापन पोर्टल विभागों / उपक्रमों के लिए प्रावधानों को बोली-दस्तावेज़, पूर्व-अर्हता दस्तावेज़, बोली लगाने वाले के रजिस्ट्रीकरण दस्तावेज़, बोली दस्तावेज़ तथा उसके संशोधन स्पष्टीकरण जो बोली पूर्व सम्मेलन के अनुसरण में हो और उसके शुद्धिपत्र, प्रकाशित करता है। पूर्व-अर्हता और यथास्थिति रजिस्ट्रीकृत बोली लगाने वालों की सूची, धारा 25 के अधीन कारण अपवर्जित बोली लगाने वालों की सूची, व धारा 38 व 39 के अधीन निराकरण, संविदा का अधिनिर्णय और सफल बोली लगाने वालों का ब्यौरा तथा बोली लगाने वाले जिन्हें विवर्जित किया गया है, के दस्तावेज़ उपलब्ध कराता है।

रुझानों में खिरहर-रेखा में मुख्य मुकाबला, अन्य प्रत्याशी खेल बनाने-बिगाड़ने में रहे!

सीतामढ़ी। बिहार विधानपरिषद चुनाव में सीतामढ़ी-शिवहर सीट के लिए गुरुवार को चुनाव परिणाम से पहले हार-जीत के दावे हर तरफ होते रहे। मतदाताओं के रुझानों के अनुसार, मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए से रेखा कुमारी व प्रतिद्वंदी राजद से शैलेंद्र कुमार उर्फ कब्बू खिरहर के बीच है। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि दलीय नेताओं का भीतरघात कितना बड़ा फैक्टर साबित हो पाया है। हालांकि, राजद से ज्यादा एनडीए के लिए भीतरघात का अधिक डर है। दूसरी ओर महिला मतदाता भी आधे से अधिक हैं। अन्य रुझान रेखा प्रत्याशी भी हारने-जीतने वाले प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ने के काम आ सकते हैं। इस चुनाव में पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। जदयू व राजद के अलावा कांग्रेस से शिवहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. अशद की पत्नी नूरी बेगम, निर्दलीय रेखा कुमारी व वार्ड सदस्य महासंघ के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष रामप्रवेश यादव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। एनडीए से रुझान रेखा प्रत्याशी रेखा कुमारी के हमनाम निर्दलीय रेखा कुमारी को राजनीतिक गलियारे में राजद का डमी उम्मीदवार करार दिया जा रहा है। उधर, रुझानों से इतर तमाम प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। मतगणना का दौर शुरू होने के साथ ही प्रथम वरीयता के मत ही जीत-हार का फैसला कर सकते हैं। अगर इसमें फैसला नहीं हो पाया तो द्वितीय वरीयता जीत-हार का पैमाना होगी। हालांकि, इसकी नौबत आने की संभावना कम ही लगती है। जबकि, वार्ड सदस्य महासंघ के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष रामप्रवेश यादव का कहना है कि द्वितीय वरीयता के आधार पर ही जीत-हार का फैसला होगा और इस चुनाव में सबसे ज्यादा मतदाता वार्ड सदस्य हैं, जो उनको जीत दिलाएंगे। जदयू के चुनाव प्रभारी व एमएलसी देवेश चंद्र ठाकुर ने इन संभावनाओं से इतर एनडीए प्रत्याशी की जीत का दावा किया है। वहीं राजद के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद डा. अर्जुन राय का कहना है कि यह चुनाव 80-20 का है और उनका प्रत्याशी भारी बहुमत से चुनाव जीत रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी नूरी बेगम भी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। 70 प्रतिशत मतदाताओं के वोट के लिए वह आशान्वित हैं और यहीं उनकी जीत के प्रति आश्वस्त होने का आधार है।

इस रेखा से नहीं बनती पति-पत्नी में बात, रहता है झगड़ा

इस रेखा से नहीं बनती पति-पत्नी में बात, रहता है झगड़ा

हस्तरेखा में विवाह रेखा को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जातक के हाथ में विवाह रेखा दो प्रकार की होती है। एक ऊपर की ओर उठे और दूसरे नीचे की ओर गिर जाए। विवाह रेखा का आगे बढ़कर हृदय रेखा की ओर मुड़ना अथवा कनिष्ठा उंगली की ओर मुड़ना दोनों ही स्थिति में यह जातक के वैवाहिक जीवन को प्रभावित करती है। हाथ में बुध पर्वत पर हथेली के पीछे से निकलने वाली रेखाएं विवाह रेखाएं कहलाती हैं।

महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने NCWEB को सराहा, कहा- शिक्षा ने दिए रुझान रेखा लड़कियों के सशक्तीकरण को पंख

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। नान कालेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (Non Collegiate Women’s Education) Board) के प्रति छात्राओं का रुझान बढ़ा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, NCWEB के तहत तकरीबन 9000 छात्राओं रुझान रेखा ने पीडीपी कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया है। इसकी कक्षाएं आनलाइन मोड के तहत आयोजित की जाएंगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने गैर-कालेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड की छात्राओं के लिए क्षमता निर्माण और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि महिलाएं देश की लगभग आधी आबादी हैं। ऐसे में उनका शिक्षा के जरिये सशक्तीकरण देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए बहुत जरूरी है।

NCWEB

After the establishment of the University of Delhi in 1922, an amendment of the Delhi University Act in 1943, Women students were enabled to give examinations with special coaching but without attending regular classes. This gave shape to the Non­-Collegiate Women’s Education Board (NCWEB).

  • NCWEB 1st Special Cut-off List 2022-23
  • Third cut-off List of Admission 2022-23
  • Datesheet for Semester V/III/I (Admission in 2019,2020 & 2021) withdrawn for NCWEB Students
  • Filling up examination form for Regular& NCWEB students of semester III/V/VII/IX of all under Graduate(UG) & Post Graduate (PG) Programmes alongwith the Essential Repeaters, Improvement and Ex-students I/III/V/VII/IX under CBCS & CBCS(LOCF) Scheme for the Academic Session 2022-2023.
  • Notification No. Aca. I रुझान रेखारुझान रेखा 084-085/ 093-Ord. IV/ 720 dated 11.10.2022 related to Ordinance – IV of the University (Migration & Re-admission)

बिधूना सीट पर पहली रुझान रेखा रुझान रेखा बार विधायक बनी महिला

Kanpur Bureau

कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 12:53 AM IST

फोटो-10एयूआरपी-62- जीत का प्रमाण पत्र लेती रेखा वर्मा। संवाद

बिधूना। सन 1952 से 2017 तक विधानसभा चुनाव में बिधूना विधानसभा सीट पर पुरुषों का कब्जा रहा। यहां पहली बार महिला विधायक के तौर पर सपा की रेखा वर्मा चुनाव जीती हैं।
इस बार सपा ने रेखा वर्मा, भाजपा ने रिया शाक्य और कांग्रेस ने सुमन व्यास को उतारकर महिलाओं पर भरोसा जताया। तो वहीं बसपा ने गौरव रघुवंशी को मैदान में उतारा था।
चुनाव के शुरुआती रुझान में ही लगने लगा था कि चाहे सपा जीते या भाजपा लेकिन इस सीट का इतिहास बदल जाएगा। इस बार महिला विधायक ही बनेगी।
अंतिम परिणाम में रेखा वर्मा भाजपा की रिया शाक्य को हरा कर विधायक बनीं। उन्हें बिधूना विधानसभा क्षेत्र की पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
ससुर छह बार तो पति एक बार रह चुके विधायक
रेखा वर्मा के ससुर स्वर्गीय धनीराम वर्मा छह बार तो पति डॉ. महेश वर्मा एक बार विधायक चुने जा चुके हैं। स्व. धनीराम वर्मा 1980 में औरैया तो 1989, 1991, 1993, 1996 व 2007 में बिधूना विधानसभा से विधायक चुने गए थे।
इस दौरान वह 15 दिसंबर 1993 से 20 जून 1995 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। 21 अप्रैल 1997 से 15 सितंबर 2001 तक रुझान रेखा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
धनीराम वर्मा ने 2009 में सपा रुझान रेखा छोड़कर विधानसभा की सदस्यता त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में डॉ. महेश वर्मा बसपा से चुनाव लड़े और जीत हासिल कर विधायक बने।

रेटिंग: 4.24
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 812
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